महिलाओं ने पूजी गणगौर, ईसर पूजे पार्वती की गूंज

गौर गौर गणपति, इसर पूजे पारवती की गूंज से रविवार को छोटी काशी गूंज उठी। महिलाओं ने सुबह सवेरे ही पकवान बनाए और ि‍ फर सोलह श्रंगार कर गणगौर पूजन किया। इससे पहले  चैत्र शुक्ला दूज पर शनिवार को सुहाग का पर्व सिंजारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में प्रभु को मेहन्दी अर्पित कर सिंजारा के पदों का गायन हुआ। महिलाओं और नवयुवतियों ने सोलह शृंगार कर हाथों में मेहन्दी रचाई। घरों में घेवर के स्वाद चखने के दौर चला। सिंजारे पर शादी के बाद पहले साल में बेटी के ससुराल घेवर, कपड़े, सुहाग की वस्तुएं भेजी गई। चांदपोल बाजार स्थित मंदिर श्री रामचंद्रजी में मंदिर महंत राधेश्याम तिवाड़ी के सान्निध्य में मनाए गए सिंजारा महोत्सव में सीता और पार्वती माता के हाथों में पदों के गायन के बीच मेहंदी लगाई गई। श्रीआनंद कृष्ण बिहारी मंदिर में सुबह राधारानी व ठाकुरजी का अभिषेक कर फिरोजी रंग की पोशाक धारण करवाई गई। राधा दामोदरजी, लक्ष्मीनारायण बाईजी में ठाकुरजी को पोशाक धारण करवाई।

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