पब्लिक को लुभाने का चुनावी बजट

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वैसे तो गहलोत ने हर वर्ग को कुछ न कुछ देने की कोशिश की है पिफर भी बजट को लेकर कहीं खुशी कहीं गम जैसी प्रतिक्रियाएं  हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से पेश किए गए बजट पर शहरवासियों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। इसमें शिक्षा पर जोर देने को सराहनीय बताया गया है, वहीं, महंगाई को कम करने के लिए कोई खास उपाय नहीं किए जाने से निराशा हाथ लगी है। जयपुरवासियों ने पेट्रोल पर वैट घटाने को पर्याप्त नहीं माना है। शहर भाजपा के प्रवक्ता दिनेश अमन का कहना है कि सरकार ने केवल वाहवाही लूटने के लिए मामूली राहत दी है। शिक्षक प्रबोधक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अनवर अहमद का कहना है कि सरकार ने शिक्षा के लिए बड़ी घोषणाएं की है।लेकिन पैराटीचरों का मानदेय 10 हजार रुपए करने चाहिए। वहीं, 2 हजार पैराटीचरों की भर्ती की भी घोषणाएं होनी चाहिए थी। हज हाउस के लिए 2 करोड़ रुपए के प्रावधानों पर हज कमेटी के मुख्य प्रशिक्षक हाजी शाहिद मोहम्मद का कहना है कि इससे हर साल हाजियों को होने वाली परेशानी दूर हो सकेगी। रिपोर्टिंग प्वाइंट पर होने वाला खर्चा भी बच सकेगा। अल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष वजीर हुसैन का कहना है कि अल्पसंख्यकों को छात्रवृत्ति दिए जाने के लिए सालाना आय की सीमा खत्म होनी चाहिए।

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