कर्ज तले दबे हैं हमसब

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हम अच्‍छा खा रहे हैं, अच्‍छा कमा रहे हैं, इसे भूल जाइए। आप हम सब कर्ज में दबे हैं। जी नहीं, हम आपके कार लोन या होम लोन की बात नहीं कर रहे। हम कर रहे हैं  उस प्रति व्‍यक्ति कर्जे की जो राज्‍य सरकार के कर्जों के कारण हमारे माथे है। राज्य सरकार की ओर से विकास व अन्य कायों के मद में लिए जा रहे ऋण से साल दर साल कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर प्रदेश पर कर्ज 107026 करोड़ रूपए हो जाएगा। इसके चलते प्रदेश की 6.86 करोड़ जनता यानी हर राजस्थानी पर करीब पंद्रह हजार रूपए से अघिक का कर्जा हो जाएगा। राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक राज्य सरकार पर 99285 करोड़ रूपए का कर्जा था, जिसमें आंतरिक कर्ज 61897 करोड़ रूपए, केंद्र सरकार की उधारी 7380 करोड़ रूपए और अन्य दायित्व के रूपए में 30007 करोड़ रूपए का कर्जा है।

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