जीवन परिचय – सत्यव्रत सामवेदी बहु-आयामी व्यक्तित्व

जीवन परिचय – सत्यव्रत सामवेदी बहु-आयामी व्यक्तित्व

जन्म:-26 दिसम्बर, 1937 हरिद्वार
पिता का नाम:-पं. जयदेव वेदालंकार
स्थाई पता:-5-च-13, जवाहर नगर, जयपुर
फोन- 0141- (नि)2652697, (का) 2624951,2622055,
  2621859, मो.9829052697
शैक्षणिक योग्यता:-एम.ए.(हिन्दी) दिल्ली विश्वविद्यालय, एम.ए.(इतिहास)
एवं विधि स्नातक राज.विश्वविद्यालय, बी.एड
सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं से सम्बन्धित पद
  1. कार्यकारी प्रधान-सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, दिल्ली
  2. प्रधान-आर्य प्रतिनिधि सभा, राजस्थान
  3. अध्यक्ष-वैदिक कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आर्यसमाज, राजापार्क,जयपुर
  4. वैदिक बालिका महाविद्यालय,मानसरोवर, जयपुर
  5. महर्षि दयानन्द विधि महाविद्यालय, बर्फखाना, जवाहर नगर रोड, जयपुर
  6. वैदिक बालिका उ.मा.विद्यालय,राजापार्क,जयपुर
  7. डी.ए.वी.उ.मा.वि.(अंग्रेजी माध्यम),बर्फखाना, जवाहर नगर रोड, जयपुर
  8. दयानन्द प.उ.मा.स्कूल, मानसरोवर, जयपुर
  9. अध्यक्ष-राजस्थान शराबबन्दी आन्दोलन समिति, जयपुर
  10. अध्यक्ष-स्वयं सेवी शिक्षण संस्था संघ, जयपुर (राजस्थान)
  11. सदस्य-समग्र सेवा संघ सर्वोदय संगठन राजस्थान
  12. संयोजक-भारतीय विचारक संघ, जयपुर
  13. संयोजक-नागरिक परिषद्-जयपुर
पृष्ठ भूमि:-पिता पं. जयदेव वेदालंकार प्रारम्भिक राजनीतिक जीवन में शहीदे आजम भगत सिंह के साथी एवं बाद में सशस्त्र क्रान्ति का मार्ग छोड़ कर महात्मा गांधी के अनुयायी बन गए और महात्मा गांधी के साथ साबरमती आश्रम में 1930 तक कार्य किया। इसके बाद सहारनपुर एवं हरिद्वार में कांग्रेस की स्थापना की। उन्हें सहारनपुर का महात्मा गांधी कहा जाता था। वे वेदों के प्रकाण्ड विद्वान एवं ओजस्वी वक्ता थे। 16 वर्ष तक वे आजादी के आन्देालन में जेल में रहे। श्री अजीत प्रसाद जैन, ठाकुर फूलसिंह,
श्री महावीर त्यागी उनके शिष्य थे।
सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियां:-
सत्यव्रत सामवेदी ने कांग्रेस में मुरारजी देसाई, श्री अशोक मेहता, श्री श्याम नन्दन मिश्र आदि अनेक नेताओं के साथ कार्य किया।
-शराबबन्दी के लिये सैंकड़ों रैलियां एवं सभाएं आयोजित की तथा जनआन्दोलनों का नेतृत्व किया।
-सती प्रथा के विरूद्ध राजस्थान में ऐतिहासिक आन्दोलन का सूत्रपात किया। इस आन्दोलन में उन पर मरणान्तक प्रहार हुआ और वे बाल-बाल बचे। नाथद्वारा में हरिजन प्रवेश के लिये प्रवर्तित आन्दोलन के संयोजक थे।
अध्यात्म जागरण मंच:-श्रीमती सोनिया गांधी की प्रेरणा से स्थापित अध्यात्म जागरण मंच, नई दिल्ली के राजस्थान के संयोजक स्वामी अग्निवेश इस मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष है। साम्प्रदायिकता के विरोध में
विधानसभा के चुनाव के समय मंच के तत्वावधान में राजस्थान में अनेक विशाल एवं सफल रैलियां व सभाएं आयोजित की और घोषणा की कि हम ‘‘राजस्थान को गुजरात नहीं बनने देंगे’’।
शैक्षणिक कार्य:-वे महिला शिक्षा के लिये समर्पित हैं और छात्राओं के लिये अनेक महाविद्यालयों और विद्यालयों की स्थापना की। छात्रों-छात्राओं को क्रान्तिकारी भावनाओं से अनुप्राणित करना और समाज में महिला को सर्वोच्च स्थान दिलाना उनके जीवन का उद्देश्य है। भारतवर्ष की नई पीढ़ी की संस्कार चेतना के लिये सतत् संघर्षरत हैं।
वैदिक संस्कृति के प्रचारक :-इतिहास, राजनीति, हिन्दी और अंग्रेजी साहित्य, वेद, उपनिषद्, दर्शनशास्त्र आदि अनेक विषयों के विद्वान हैं तथा सारे भारतवर्ष में धर्म, दर्शन एवं वेद पर ओजस्वी भाषण देने में सक्षम।
विदेश यात्रा :-संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वावधान में जार्डन में आयेाजित विश्व धर्म सम्मेलन में राजस्थान के एक मात्र प्रतिनिधि। इस सम्मेलन में श्री सत्यव्रत सामवेदी द्वारा प्रस्तुत वैदिक दर्शन की व्याख्या ने विश्व के समस्त प्रतिनिधियों को आश्चर्य चकित कर दिया।
पत्रकारिता :-गत 22 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में आर्यनीति के सम्पादक हैं जिसके माध्यम से सम्पूर्ण क्रान्ति का प्रचार, राष्ट्र की ज्वलन्त समस्याओं का दिग्दर्शन एवं उनके समाधान के लिये ज्ञानवर्धक लिखे वर्तमान में श्री सत्यव्रत सामवेदी की गतिविधियां एव उद्देश्य में सक्षम।
1.सम्पूर्ण क्रान्ति- राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, धार्मिक- के लिये जनजागरण अभियान। इस कार्य के लिये महान पुरूषों के निधन पर आयोजित श्रद्धाजंलि सभाओं में गीता प्रवचन के माध्यम से जन जागरण अभियान एवं राष्ट्र की ज्वलन्त समस्याओं के सदंर्भ में-पूंजीवाद, शोषण, गरीबी, असमानता, नशाखोरी, बलात्कार, अपहरण, महंगाई, राजनीतिक दलों की जनविरोधी नीतियां, आतंकवाद, महिला अत्याचार, उद्देश्यहीन शिक्षा प्रणाली, चरित्रहीनता एवं मूल्यहीनता-गीता की व्याख्या।
  •  श्री भैंरोसिंह शेखावत की श्रद्धांजलि सभा।
  • खोल के हनुमान जी के महन्त श्री राधेलाल चौबे की श्रद्धांजलि सभा।
  • श्री अशोक गहलोत की सास के निधन पर श्रद्धांजलि सभा।
  • विप्यशना केन्द्र के संचालक एवं पूर्व गृह आयुक्त श्री रामसिंह जी।
  • श्री गिरधरी लाल भार्गव की श्रद्धांजलि सभा।
  • 14 जनवरी 2011 को मेरठ में आयोजित विशाल सभा-चित्रसंलग्न है।
2.छात्र शक्ति को देश भक्ति की भावना से अनुप्राणित करना और अच्छे संस्कार ड़ालना- राष्ट्र की ज्वलन्त समस्याओं के समाधान के लिये रैलियां एवं प्रदर्शन-अच्छा नागरिक और राष्ट्र के भावी नेतृत्व के लिये युवा शक्ति को तैयार करना और पश्चिम की भोगवादी संस्कृति के खतरे बताते हुए भारतीय संस्कृति पर आधारित जीवन मूल्यों का प्रचार करना।
  • छात्रों-छात्राओं द्वारा शराबबन्दी के लिये प्रदर्शन।
  • लिव-इन-रिलेशनशिप के विरूद्ध प्रदर्शन।
  • महाराष्ट्र में हिन्दी में शपथ लेने पर शिवसेना द्वारा विधायक पर हमले के विरूद्ध प्रदर्शन।
  • सारे भारतवर्ष में छात्रों-छात्राओं का भ्रष्टाचार के विरूद्ध पहला प्रदर्शन।
3.नागरिक परिषद् राजस्थान की स्थापना-राजनैतिक क्रान्ति के लिये नागरिको के संगठन के लिये प्रचार करना, गोष्ठियां आयोजित करना। उक्त रैलियों और प्रदर्शनों में नागरिक परिषद् के निम्नलिखित प्रमुख लोगों नेताओं की भागीदारी-
  • राजस्थान के पूर्व राज्यपाल श्री नवरंग लाल टिबरेवाल
  • सिक्किम के पूर्व राज्यपाल श्री सुरेन्द्र नाथ भार्गव
  • राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधिपति जस्टिस पानाचन्द जैन
  • राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधिपति जस्टिस आई.एस.इसरानी
  • पूर्व भारतीय प्रशासनिक अधिकारी श्री सत्यनारायण सिंह
  • राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के.एल. कमल
  • राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र उपाध्याय
  • राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष श्री राजाराम मील
  • पत्रकार श्री वशिष्ठ कुमार शर्मा
4.राजस्थान वरिष्ठ नागरिक संस्थान के श्री सत्यव्रत सामवेदी एवं श्री कौशल किशोर जैन द्वारा स्थापना एवं प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नागरिक संस्थान की स्थापना और जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय वरिष्ठ नागरिकों के सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री वसुन्धरा राजे द्वारा आयोग की घोषणा करना।


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