तो कहां जाएगा सामान्य यात्री

यदि आप आरटीई एट के तहत सेंट जेवियर या इसी तरह के किसी कॉन्वेंट स्कूल में अपने लाडले या लाडली का एडमिशन कराना चाहते हैं,तो अब भूल ही जाइए। सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश आ गया है। कोर्ट ने राइट टू एजुकेशन को तो हरी झंडी दिखा दी है लेकिन मॉयनोरिटी की उन शिक्षण संस्थाओं को छूट दे दी है जो सरकारी अनुदान पर नहीं चल रही। चीफ जस्टिस एसएच कपाड़िया, जस्टिस केएस राधाकृष्णन और जस्टिस स्वतंत्र कुमार की बैंच ने बहुमत से यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि यह कानून सरकार से वित्‍तीय सहायता नहीं ले रहे अल्पसंख्यक स्कूलों पर लागू नहीं होगा, अन्य सभी सरकारी, वित्‍तीय  सहायता प्राप्त और गैरविाीय सहायता नियमित रूप से दिल्ली जाने वालों के लिए चिंता बढ़ गई है। चिंता का कारण है एसी डबल डेकर ट्रेन। जयपुर दिल्ली रूट की इस बहुप्रतिक्षित ट्रेन के जयपुर आ जाने के बाद अब नियमित दिल्ली का सफर करने वाले मध्यम वर्गीय यात्री की दिकते बढ़ जाएंगी। कारण है अब तक उनकी सेवा में चल रही जयपुर दिल्ली स्पेशल सुपरफास्ट ट्रेन का बंद हो जाना। गौरतलब है कि रव्लवे वर्तमान में जयपुर से दिल्ली नॉन स्टोप स्पेशल ट्रेन चला रहा है। यह नियमित ट्रेन नहीं है। हर महीने इसकी अवधि बढ़ाई जाती है। सूत्रों के मुताबिक एसी डबलडेकर चलने लगेगी तो यह ट्रेन बंद हो जाएगी। इस ट्रेन में सामान्य डबे में 70 से 80 रुपए में दिल्ली का सफर तय होता है। रिजर्वेशन करा कर लगभग सौ रुपए। अब जब लग्जरी एसी डबल डेकर ट्रेन चलेगी तो सामान्य यात्री इससे दूर हो जाएगा। प्राप्त प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगा। जिन्हें कमजोर वर्ग के पच्चीस प्रतिशत विद्यार्थियों को आरक्षण देना होगा।