मदनी की चेतावनी से सीएम खेमा चिंतित

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मदनी के खुलेआम मुख्‍यमंत्री को कुसूरवार ठहराए जाने के बाद मुख्‍यमंत्री खेमा काफी सक्रिय हो गया है। मदनी की ललकार को काफी गंभीरता से लेते हुए इसे अल्‍पसंख्‍यक तबके में वोट बैंक हिलने की दृष्टि से देखा जा रहा है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय नेता सांसद महमूद मदनी ने गोपालगढ़ और सवाईमाधोपुर की घटना को षड्यंत्र करार देते हुए चेतावनी दी थी कि कांग्रेस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पद से हटाए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि गोपालगढ़ घटना का मूल कारण बर्बरता पूर्वक पुलिस द्वारा लगातार गोलियां चलाना है। मदनी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घटना के 14 दिन बाद क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन में निरंतर झूठे बयान देने और अपराध को छुपाने का असफल प्रयास करने की बात कही। मदनी ने सीबीआई पर राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के माध्यम होने का आरोप लगाया। जमीयत उलेमा-ए-राजस्थान के जनरल सेक्रेटरी मो. अब्दुल वाहिद खत्री ने सवाईमाधोपुर मामले में फूल मोहम्मद की षड्यंत्रपूर्वक हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में पैरा नंबर 49 में सांसद किरोड़ी लाल मीणा को घटना का मुख्य संदिग्ध बताया है।  उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री को भी सत्ता से बाहर करने की मांग की। इन मामलों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने और जिला प्रशासन, राज्य सरकार के उच्च अधिकारी व तत्कालीन मुख्य सचिव को जांच के दायरे में लाने की मांग की। साथ ही न्यायविदों, बुद्धिजीवी वर्ग से चयनित एक पैनल गठित कर जांच बिंदुओं के निर्धारण की बात कही। उन्होंने सूरवाल मामले की ट्रायल जोधपुर, दिल्ली व जयपुर के किसी सीबीआई कोर्ट में हस्तांतरित किए जाने की बात कही।

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