हंगामे के बीच शहर का विकास भूले पार्षद

चाहे कितनी ही कोशिश कर ली जाए, शहर के नेताओं को कम से कम अपने गुलाबी शहर की तो फिक्र नहीं है। शहर की सरकार चलती है नगर निगम से और निगम की आज तक की सभी साधारण सभा हंगामे के कारण कुछ निर्णय ही नहीं ले पाई। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। नगर निगम की साधारण सभा की बैठक एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। हंगामे के चलते बैठक चार बार स्थगित की गई लेकिन गनीमत ये रही कि संशोधित मैरिज गार्डन और कम्पाउंडिंग बायलॉज सहित तीन अहम प्रस्ताव इस बार पास हो गए। वाल्मिकी समाज के सफाई अभियान से निगम के पीछे हटने का मामला भी सदन में जोर शोर से उठाया गया, जिसपर मेयर और भाजपा पार्षदों में तीखी तकरार हुई। खास बात ये रही कि हर बार मेयर का साथ देने वाले कांग्रेसी पार्षद सदन में अलग थलग नजर आए।