महापौर ने दिया धरना

अफसरों की कार्यशाली से परेशां महापौर ने धना दिया. पोलिसे ने उन्हें गिरफ्तार भी किया. भाजपाई पार्षदों के रवैये और अघिकारियों के खिलाफ मोर्चाबंदी करने की नीयत से गांधी सर्कल पर धरना देने की घोषणा कर चुकी महापौर तब अचकचा गई, जब उन्हें धरनास्थल पर पर्याप्त संख्या में समर्थक ही नहीं दिखे। उन्हें तब बेहद मायूसी हुई जब उनके साथ महज तीन निर्वाचित व एक मनोनीत सहित कुल चार पार्षद ही कार्यक्रम में जुट सके। मनमाफिक समर्थन मिलता न देख महापौर ने गांधी सर्कल पर जाने का इरादा ही छोड़ दिया और इंदिरा गांधी सर्कल पर ही धरने पर बैठ गई। धरने के लिए महापौर सुबह करीब साढ़े दस बजे इंदिरा गांधी सर्कल पहुंच गई थीं। यहां का नजारा देख कर उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। महापौर करीब आधे घंटे तक पार्षदों के आने का इंतजार करती रहीं लेकिन पार्षद गुलाम नबी, मंजू शर्मा,संजय वर्मा (तीन समितियों के अध्यक्ष) व मनोनीत पार्षद जाकिर ही वहां पहुंचे। महापौर गांधी सर्किल पर सुबह 11 बजे से 2 बजे तक धरना देने वाली थीं लेकिन भीड़ की कमी को देखते हुए वे इंदिरा गांधी सर्कल पर ही बैठ गईं।

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