कोर्ट ने दिया विधानसभा को नोटिस

राज्य विधानसभा और न्यायपालिका में टकराव की नौबत चर्चा में है। पुलिस इंस्पेक्टर रत्ना गुप्ता की गुहार पर हाईकोर्ट ने विधानसभा को नोटिस दिया है। मामला 2010 का था। महिला कल्याण व बाल विकास समिति की अध्यक्ष और विधायक सूर्यकांता व्यास ने कहा कि उन्हें बतौर अध्यक्ष जांच का अधिकार है।  जांच के वक्त न तो उन्हें रिकॉर्ड उपलब्ध कराए गए थे और साथ ही इस्पेक्टर रत्ना गुप्ता ने उनके साथ अभद्र व्यवहार ही किया था। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि इसी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। चूंकि विधायका व न्यायपालिका का कार्य क्षेत्र अलग-अलग है, फिर भी इस पर विचार किया जाएगा। हालांकि इस मुद्दे पर होने वाली सर्वदलीय बैठक भाजपा के विरोध के चलते स्थगित कर दी गई।

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