करोबार पर पड़ा असर

रावण मंडी में इस बार रावण बनाने वाले कारीगरों के चेहरे उदास दिखे। महंगाई का असर साफ दिख रहा था। रावण की कीमतें ज्यादा होने के कारण लोग छोटे रावण के पुतलों में ही रुचि दिखा रहे थे। दशहरे पर इस बार रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का कारोबार महंगाई की भेंट चढ़ गया। इस बार रावण मंडी में पुतलों का कारोबार पिछले साल की तुलना में घटकर पचास फीसदी रह गया। देर रात तक शहर की रावण मंडियों में मोलतोल का दौर जारी रहा।

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