मां को अंतिम विदाई

नवरात्र सम्पन्न होते ही मां दुर्गा की प्रतिमाओं को भी जलाश्यों में बहाया गया। उन्हें दर्पण के जरिए विदाई दी गई। कई दिन से चल रही दुर्गा पूजा विजयादशमी को सम्पन्न हुई। नवरात्र में मां भगवती बेटी के रूप में अपनों के बीच रही। यही कारण था कि शहर में जगह जगह सजे पांडालों में खूब उल्लास रहा। दशमी के दिन मां का दर्पण विसर्जन किया गया और महिलाओं ने सिंदूर से होली खेली। इस मौके पर गाजे-बाजों के साथ मां को विदाई दी गई।