अब ई-ऑक्शन का सहारा

दूध का जला छाछ भी फूंक फूंक कर पीता है। जेडीए की हालत इस वक्त दुध जले जैसी है। हाल ही में हुई बाइस गोदाम नीलामी से जेडीए को बड़ी उम्मीदें थीं। सौ करोड़ से ऊपर की बोली लगने की उम्मीद थी। पर बोलीकर्ताओं के पूल सिस्टम से बोली लगाने के कारण जेडीए को नीलामी रद्द करनी पड़ी। अब इस सांठगांठ से निपटने का एक ही तरीका बचा है, ई-ऑक्शन। जेडीए नवम्बर के पहले सप्ताह से कमर्शियल संपत्ति की नीलामी ऑनलाइन करेगा। इसकी शुरुआत बाइस गौदाम के उस भूखंड की नीलामी से की जाएगी।नवम्बर से सभी बड़ी नीलामियां ईऑक्शन के जरिए ही होंगी।

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