बिना किताब करा दिए एग्जाम

सरकारी स्कूलों के लिए कहा जाता है कि यहां पढ़ाई नहीं होती। टीचर्स पढ़ाते नहीं। लेकिन अब नया किस्सा सुनिए। एक मामला ऐसा आया है जहां अभी तक किताबें ही नहीं छपी लेकिन टीचर्स ने तो दो दो टेस्ट करा कर भी अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली।  राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री ने मामले की शिकायत विभाग की प्रमुख सचिव से की है। उन्होंने जानकारी दी है कि नाइंथ और टैंथ की किताबें अब तक स्कूलों में नहीं पहुंची। जानकारी मिली है कि हमारा राजस्थान, कम्प्यूटर शिक्षा और शारीरिक शिक्षा की किताबें अब तक छपी ही नहीं हैं। शिक्षकों ने बिना किताबों के ही बच्चों को पढ़ाया और उसी आधार पर उनका टेस्ट लिया गया। कम्प्यूटर शिक्षा की किताब तो पिछले दो साल से नहीं छपने की बात कही जा रही है।

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