जयपुर स्थापना दिवस समारोह का समापन

-’अग्नि परीक्षा’ नाटक का मंचन हुआ
जयपुर। 18 नवंबर को जयपुर स्थापना दिवस के अवसर पर आरंभ हुए जयपुर स्थापना दिवस समारोह का 21 नवंबर को समापन हो गया। राजस्थान फोरम, त्रिमूर्ति संस्था और नगर निगम के सहयोग से हुए इस समारोह का समापन बुधवार को तमाशा शैली के नाटक ’अग्नि परीक्षा’ के मंचन के साथ हुआ। नाटक रवीन्द्र मंच के स्टूडियो थिएटर में दिलीप भट्ट के निर्देशन में खेला गया। नारी उत्पीड़न को केंद्र में रखे गए इस नाटक की शैली जयपुर की प्राचीन तमाशा शैली थी, इस शैली में गायन और संवाद के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाया जाता है। गायन इस शैली की प्रमुख विशेषता और प्रमुख अंग है। अग्नि परीक्षा में अलग अलग युग में नारी के प्रति कुत्सित मानसिकता और उत्पीडन का भाव दिखाई दिया। युग बदल जाते हैं, लेकिन सतयुग से लेकर कलयुग तक नारी उत्पीडन नहीं बदला।
परंपरा नाट्य समिति जयपुर के तत्वावधान में हुए इस तमाशे को स्व. गोपीजी भट्ट ने संगीतबद्ध किया था। यह नाटक डॉ हरिराम आचार्य ने लिखा था। नाटक में रेनु सानेर, दीपक शर्मा, पवन श्योराण, गौरव खंडेलवाल, चंचल शर्मा, जितेन्द्र प्रभात व नीतू पचौरी ने अभिनय किया। मंच पर सौरभ भट्ट ने संगीत दिया एवं तबले पर शैलेंद्र ने संगत की।

पाल पर चला मेला-
जलमहल की पाल पर 20 नवंबर को आरंभ हुए सांस्कृतिक मेले में बुधवार को पतंगबाजी का शानदार दंगल देखने को मिला, देश विदेश में पतंगबाजी के लिए मशहूर पतंगसाज बाबूभाई ने पतंग-दंगल का संयोजन किया। दंगल में पिंकसिटी काइट क्लब, जवाहर काइट क्लब और पूजा काइट क्लब ने हिस्सा लिया। इसके अलावा यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।

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