अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple)

अक्षरधाम मंदिर – जयपुर
Akshardham Temple

Akshardham Mandir

आस्था और कला की नगरी जयपुर दुनियाभर में पर्यटन के शानदार डेस्टीनेशन के रूप में जानी जाती है। यहां बड़े पैमाने पर आस्थावान देशी पर्यटकों का भी आगमन होता है। विशेष अवसरों पर यहां गलता, गोविंद देवजी मंदिर, चाकसू शीतला माता मेले, तीज और गणगौर त्याहारों, जन्माष्टमी और शिवरात्री के अवसर पर श्रद्धालु दूर-दराज के इलाकों से पहुंचते हैं। जयपुर में हेरिटेज मंदिरों की भरमार है। यहां हर त्योंहार और उत्सव को पूरी श्रद्धा से मनाया जाता है। यही कारण है इस पावन नगरी को छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। जयपुर के मंदिर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और असाधारण कलात्मक प्रवीणता और परंपराओं को दर्शाते हैं। आस्था की इस गुलाबी नगरी के शासकों भी बहुत आस्थावान थे और मंदिरों का बहुत देखभाल करते थे। धर्म में उनकी रूचि थी और वे अपने दृष्टिकोण में आध्यात्मिक थे।

जयपुर में कुछ प्रसिद्ध मंदिर हैं जो अपनी आभा और स्थापत्य से सभी का ध्यान आकर्षित करते हैं। इनमें गोविंद देवजी मंदिर, गण गणेश, गलता तीर्थ, खोले के हनुमान जी, इस्कॉन और अक्षरधाम प्रमुख हैं। आइये, मंदिरों की इसी श्रंखला में अक्षरधाम मंदिर की यात्रा करें-

अक्षरधाम मंदिर जयपुर की सबसे पॉश कॉलोनी वैशालीनगर में स्थित है। यह मंदिर अपनी शानदार नक्काशी, मूर्तिकला, बेशकीमती मूर्तियों के कारण जाना जाता है और भारत की सांस्कृतिक विरासत की झलक देता है। यहां की वास्तुकला की भव्यता और हरा भरा वातावरण श्रद्धालुओं के मन में ईश्वर के प्रति आस्था को और प्रगाढ कर देता है। मंदिर का कोना कोना खूबसूरत स्थापत्य और शांतिमय वातावरण से चौबीस घंटे आच्छादित रहता है। भगवान नारायण को समर्पित इस मंदिर के पवित्र परिसर में जब आप चहलकदमी करेंगे तो आपके मन में स्वत: भक्ति की भावना पैदा हो जाएगी।

पता-
अक्षरधाम मंदिर, चित्रकूट
वैशालीनगर, जयपुर।

लाल पत्थरों का सौन्दर्य

जयपुर का अक्षरधाम मंदिर देश भर में बन रहे अक्षरधाम मंदिरों की श्रंख्ला में एक नवीनतम कड़ी है। जयपुर में इसकी स्थापना पिछले दशक हुई। जयपुर के वैशालीनगर में स्थित यह भव्य मंदिर कई एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। मंदिर में प्रमुख मूर्ति भगवान नारायण की है। कृष्ण भक्ति धारा से जुड़े वैष्णव संप्रदाय की ओर से इस मंदिर का रख रखाव किया जाता है। मंदिर में लाल पत्थरों पर की गई कारीगरी मनमोहक है। मंदिर का प्रवेशद्वार, आधारशिलाएं, मेहराब, चौक, मेहराब, शिखर, जगमोहन, मण्डप और गर्भग्रह सभी की बनावट दक्षिण के स्वामी नारायण मंदिरों की याद दिलाते हैं। मंदिर में भगवान नारायण की विशाल मूर्तियां बहुत ही मनमोहक और सुंदर हैं। मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

पर्यटन के लिहाज से खूबसूरत

पर्यटन नगरी जयपुर में देखने लायक सैंकड़ों स्थान हैं। ज्यादातर दर्शनीय स्थल जयपुर परकोटे और आमेर में स्थित हैं। जयपुर के बाहरी इलाकों में बने मंदिरों और खूबसूरत स्थलों में इस्कॉन मंदिर, गोनेर का जगदीश जी मंदिर, बाड़ा पदमपुरा का जैन मंदिर और अक्षरधाम मंदिर का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है।

यह मंदिर जयपुर एयरपोर्ट से 12 किमी, रेल्वे स्टेशन और सिंधी कैंप बस स्टैण्ड से 8 किमी की दूरी पर स्थित है। बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए मंदिर में ठहरने की भी व्यवस्था है। मंदिर में सुबह की झांकी और शाम की आरती में शामिल होना आनंददायक होता है। अपनी खूबसूरती और आस्था में यह मंदिर परकोटे के गोविंददेवजी मंदिर के समकक्ष है।