द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार

द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार (The Great Indian Travel Bazaar)

जयपुर पर्यटन का स्वर्ग माना जाता है। विगत कुछ वर्षों से देश के पर्यटन को बढावा देने के लिए यहां जयपुर के बिड़ला ऑडीटोरियम में ’द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार’ का आयोजन किया जाता है। जिसमें देशभर के पर्यटन विभाग, ट्रैवल एजेंसियां, हेरिटेज होटलो के प्रतिनिधि, टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद होते हैं। खास बात यह है कि यहां विभिन्न देशों के ट्रैवल प्रतिनिधि भी शिरकत करते हैं और बी2बी मीटिंग्स में हिस्सा लेते हैं। इन बिजनेस टू बिजनेस मीटिंग से पर्यटन को बहुत बल मिलता है।

जीआईटीबी-2013 मुख्यत इनबाउंड टूरिज्म पर केन्द्रित रहा, जिसमें एक ही छत के नीचे करीबन 57 देशों के लगभग 278 विदेशी टूर ऑपरेटर्स भारतीय टूर ऑपरेटर्स से बैठकें एवं चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त मार्ट में 254 से अधिक बूथ पर भारत के विभिन्न पर्यटन उत्पादों का प्रदर्शन किया गया मार्ट में भारत के विभिन्न हिस्सों से पर्यटन उत्पादों के विक्रेताओं ने भी भाग लिया।

जीआईटीबी में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय टूर ऑपरेटर्स और ट्रेवल एजेंटों के अतिरिक्त होटलों, रिसॉर्टस्, स्पा मालिकों, हेल्थ केयर संस्थानों, निवेशकों और वित्तीय संस्थाएं ने भाग लेकर देशी विदेशी बाजार में पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि सर्वप्रथम इस ट्रैवल बाजार  की शुरूआत 2008 में हुई थी, तब से साल-दर-साल टूरिज्म के क्षेत्र में यह ट्रैवल मार्ट लगातार अपनी पकड़ बनाता जा रहा है।

आइये जानते हैं, क्या रहा 2013 के इस ट्रैवल बाजार का हाल-

नई संभावनाओं पर फोकस

इस बार ट्रैवल बाजार में पर्यटन और नवीन निवेश संभावनाओं पर फोकस किया गया। साथ ही  विदेशी बॉयर्स से करार पर भी जोर दिया गया। ट्रैवल बाजार में यह साफ हुआ कि स्टेट पवेलियन्स भी कॉर्पोरेट ट्यूरिज्म को कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं। ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार(जीआईटीबी) का छठा संस्करण राज्यों के पर्यटन विकास के लिए अपार संभावनाएं लेकर आया। ट्रैवल बाजार में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उडीसा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, कर्नाटका और पंजाब के पर्यटन विभागों ने अपने स्टेट पवेलियन के जरिए देशी विदेशी टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को आकर्षित किया। पर्यटन क्षेत्र में आधुनिकता के बूते अपना दबदबा बढ़ा रहे कॉपोरेट सेक्टर को स्टेट पैवेलियंस ने कड़ी टक्कर दी। साथ ही निजी क्षेत्र को भी प्रोत्साहन करते हुए पीपीपी मॉडल के जरिए ईटीबी में नए निवेशकों की तलाश की। यहां विदेशी टूर ऑपरेटर्स को टूर पैकेजों, परिवहन सुविधाओं, सुरक्षा, होटल, गाइड सहित अन्य पर्यटन सुविधाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई गई

राजस्थान का 14 टूर पैकेज का प्लान

राजस्थान पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव राकेश श्रीवास्तव ने कहा ’’जीआईटीबी आयोजन में राजस्थान सरकार का पर्यटन विभाग मुख्य भूमिका में था। प्रदेश की संस्कृति, विरासत, पर्यटन सुविधाओं, ढ़ाचागत विस्तार सहित निवेश संभावनाओं के प्रदर्शन के लिए स्टेट पवेलियन के जरिए विशेष तैयारी की गई। राज भ्रमण पैकेज के जरिए करीब 14 प्रकार के टूर पैकेज आगंतुकों के लिए जारी किए गए। शाही रेलों के संचालन की ब्रांड इमेज को भी भुनाने की कोशिश की गई। ट्रैवल बाजार में यह भी साफ हुआ कि निजी सेक्टर के मॉडनाइजेशन की पहल को बढ़ावा देते हुए आधुनिकतम पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का दबाव बढ़ गया है। विभाग इस दिशा में नए निवेश को प्रोत्साहित करने की पहल कर रहा है।’’

गुजरात ने तीन साल में बढाए 25 लाख पर्यटक

गुजरात पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव विपुल मित्रा ने इस अवसर पर कहा ’’गुजरात ने पर्यटन इमेज पिछले तीन साल में विकसित हुई है। इस अवधि में करीब 25 लाख पर्यटक गुजरात में बढ़े। गुजरात सरकार पर्यटन विस्तार के लिए इंट्रा स्टेट एयर कनेक्टिविटी पर फोकस कर रही है। सड़क, बिजली, परिवहन, सुरक्षा सहित सुविधाओं पर फोकस कर इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की कोशिशें की गई हैं। नए निवेश को बढ़ाने के लिए सब्सिडी की बजाय सुविधाओं पर अधिक फोकस किया गया।’’

महाराष्ट्र बढाएगा टापू पर्यटन

महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम की महाप्रबंधक किशोरी गडरे के अनुसार ’’निगम टापूओं को विकसित कर पर्यटन में नए निवेश को आकर्षित कर रहा है। महाराष्ट्र में 25 से अधिक टापू हैं जिनको बतौर पर्यटन उपयोग विकसित कर 800 से अधिक होम स्लॉट संचालित किए गए हैं। पर्यटकों का इसे बेहतर रिस्पांस भी मिला। साथ ही धार्मिक और कल्चर पर्यटन को भुनाने की कोशिश भी जीआईटीबी के जरिए की गई।’’

उड़ीसा करेगा बुद्धिज्म पर फोकस

उड़ीसा ट्यूरिज्म के पर्यटन अधिकारी शशांक शेखर रथ का कहना था ’’ट्यूरिज्म सेक्टर में निजी क्षेत्र के एकाएक विस्तार ने सरकारी पर्यटन विभागों को भी आधुनिकता के रंग में रंगने का अवसर दिया है। वर्तमान में उड़ीसा ट्यूरिज्म बुद्विज्म पर फोकस कर रहा है। ग्रामीण पर्यटन में ढ़ाचागत सुविधाओं के विस्तार के लिए पीपीपी मोड का सहारा लिया जा रहा है।’’

हिमाचल ग्रामीण पर्यटन पर देगा जोर

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के उपनिदेशक सुरेंद्र जुस्ता ने बताया  ’’प्रदेश पर्यटन विभाग बड़े निवेश की बजाय छोटे निवेशकों पर फोकस कर रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हो सके। हर गांव की कहानी के नाम से इस कंसेप्ट को मूर्त रुप दिया जा रहा है।’’

मध्यप्रदेश कर रहा है कैरेवल ट्यूरिज्म को प्रमोट

मध्यप्रदेश ट्यूरिज्म के महाप्रबंधक विवेक माथुर का कहना था ’’विभाग कैरेवल ट्यूरिज्म को प्रमोट कर रहा है, साथ ही पर्यटन विस्तार के लिए एयर टैक्सी सर्विस के विस्तार पर ध्यान दे रहा है।’’

पं. बंगाल करेगा ईको ट्यूरिज्म को प्रोत्साहित

पश्चिम बंगाल ट्यूरिज्म डवलपमेंट कॉपोरेशन लिमिटेड के एमडी भीषमदेब दासगुप्ता के अनुसार ’’विभाग ईको ट्यूरिज्म को प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए पीपीपी मोड के जरिए नए निवेशको को भी प्रोत्साहित कर रहा है।’’

कर्नाटक प्राकृतिक सौंदर्य से बढाएगा ट्यूरिज्म

कर्नाटक ट्यूरिज्म के सहायक प्रबंधक अरुण कुमार ने बताया ’’राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य में अपार पर्यटन संभावनाएं हैं। वाइल्ड लाइफ और एडवेंचर ट्यूरिज्म को प्रमोट करने के लिए वे यहां जीआईटीबी में आए हैं।’’

बिजनेस टू बिजनेस मीटिंग्स-

पर्यटन के इस महामेल में लोगों से मिले शानदार रूझान से यहां पहुंचे सभी प्रतिधि प्रसन्न नजर आए। इसका एक कारण यहां 8200 से अधिक हुईं बी-टू-बी मीटिंग्स भी थी। अगर मीटिंग्स के लिहाज से देखा जाए तो हेरिटेज होटल विंग मुख्य आकर्षण का केन्द्र रही। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार पर्यटन संभावनाओं को भुनाने में सफल रहा है। ग्रेट इंडियन टे्रवल बाजार (जीआईटीबी) का छठा संस्करण का व्यावसायिक मानकों के उच्चतम स्तर का प्रदर्शन करते हुए मंगलवार 16 अप्रैल को सम्पन्न हुआ। बिडला ऑडिटोरियम में आयोजित इस मार्ट के अंतिम दो दिनों में इंडियन सैलर्स और फॉरेन बायर्स के बीच 8200 से ज्यादा बी-टू-बी मीटिंग्स हुईं। तीन दिवसीय इस मार्ट में फस्र्ट फ्लोर पर बनाई गई हेरिटेज होटल्स विंग मुख्य आकर्षण रही। इसमें फॉरेन बायर्स ने हेरिटेज होटल ऑथिरिटीज से भविष्य की बिजनेस सम्भावनाओं पर चर्चा की। यहां राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों की हेरिटेज होटल्स के बूथ लगाए गए थे, इनमें पैलेस, फोर्ट, हवेली और विलाज जैसी अलग-अलग कैटेगिरीज की होटल्स के बूथ थे।

ट्रैवल बाजार में राजस्थान सरकार, पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव राकेश श्रीवास्तव ने कहा ’’जीआईटीबी में पूर्व निर्धारित बीटूबी मीटिंग्स की संख्या को देखते हुए सफल रहा। बॉयर्स और सेलर्स दोनों से सकारात्मक रुझान मिले। यह कहने में अतिश्योक्ति नहीं होगी कि ग्रेट इंडियन टे्रवल बाजार ने पर्यटन क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर ली है।’’

क्रिएटिव ट्रैवल्स के सह प्रबंध निदेशक रोहित कोहिल ने कहा ’’जीआईटीबी 2013 इनबाउंड ट्यूरिज्म के लिहाज से बेहतर मंच बन कर उभरा है। जिस प्रकार से विदेशी टूर ऑपरेटर्स की संख्या बढ़ रही है, इसको देखते हुए जयपुर में उच्चस्तरीय प्रर्दशनी स्थल की आवश्यकता है। ट्रेड फेयर पर्यटन में राजस्थान और देश के अन्य भागों में भी अपार सम्भावना हैं।’’

इस अवसर पर ट्रैवल बाजार के हेरिटेज खंड में मौजूद इंडियन हेरिटेज होटल्स के महासचिव रणधीर विक्रम सिंह मंडावा ने कहा ’’हेरिटेज होटल्स को लेकर फॉरेनर्स का अच्छा रूझान देखने को मिला। यहां बायर्स ने प्रोडक्ट्स की जानकारी ली और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की है। करीब 47 हेरिटेज होटल्स ने एक छत के नीचे अपनी स्टॉल्स लगाई। बायर्स की गुणवत्ता बेहतर रही। जीआईटीबी की आयोजन समिति ने चयनित ट्यूर ऑपरेटर्स को इस साल आमंत्रित किया, इसके परिणाम भी संतोषजनक रहे।’’

फिक्की की राजस्थान स्टेट काउंसिल के निदेशक ज्ञानप्रकाश ने बताया ’’जीआईटीबी का छठा संस्करण व्यावसायिक मानकों के उच्चतम स्तर का प्रदर्शन करने में सफल रहा। जीआईटीबी का अगले साल जयपुर में अप्रैल-2014 के मध्य में आयोजन होगा। जीआईटीबी ने पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है। जीआईटीबी के अगले संस्करण में भी मौजूदा सत्र में भाग लेने वाले विदेशी बॉयर्स ने भाग लेने की इच्छा जाहिर की।’’

इस मार्ट का आयोजन पर्यटन विभाग राजस्थान सरकार, पर्यटन विभाग भारत सरकार और फैडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बरर्स ऑफ कॉमर्स (फिक्की) द्वारा किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर की संस्थाएं यथा होटल एण्ड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (एच.आर.ए.आर.), इंडियन हैरिटेज होटल्स् एसोसिएशन (आई.एच.एच.ए.) एवं राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आर.ए.टी.ओ.) ने भी इस मार्ट के आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया।

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5 thoughts on “द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार

  1. राजस्थान के पैवेलियन का खास अंदाज
    ट्रैवल बाजार में राज्य के कल्चर को बयां करते राजस्थान पर्यटन विभाग के राजस्थान पैवेलियन को खास रॉयल अंदाज में सजाया गया है। इसके अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के पर्यटन विभागों ने भी अपनी अपनी संस्कृति को स्टॉल में डिसप्ले किया।

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  2. शॉपिंग डेस्टीनेशन के तौर पर उभर रहा है राजस्थान
    ट्रैवल बाजार में दूसरी बार हिस्सा ले रहे मोरक्को के के. डेर्याकोने के अनुसार ’’पिछले पांच सालों में राजस्थान के पर्यटन में बदलाव देखने को मिला है। अब यहां शॉपिंग डेस्टीनेशन विकासित होने लगा है। यहां के किले, महल और संस्कृति सदाबहार पर्यटन स्थल हैं। यही कारण है कि भारत आने वाले विदेशी सैलानी खासकर मोरक्को के पर्यटन राजस्थान जरूर आते हैं।’’

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  3. वीजा ऑन अराइवल की सुविधा बढेगी
    पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त उपनिदेशक एकके गुप्ता के अनुसार ’’हुनर से रोजगार योजना के तहत पर्यटन में रोजगार के अवसर बढाने पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही वीजा ऑन अराइवल सेवा का विस्तार करने की योजना भी बनाई जा रही है। अभी यह सुविधा 11 देशों के लिए 4 अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उपलब्ध है। इसके विस्तार किए जाने से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढेगी।

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  4. ग्रुप ट्यूरिज्म पर फोकस
    ग्रुप ट्यूरिज्म को बढावा देने के लिए जीआईटीबी में इंडियन टूरिज्म इंडस्ट्री के लोग नई सेवा और प्रोडक्ट की शो केसिंग कर रहे हैं। देश मे हर साल लगभग पांच मिनियन पर्यटक आते हैं। हर साल फोरेन ट्यूरिस्ट अराइवल की संख्या में इजाफे के साथ ग्रुप ट्यूरिज्म भी बढे इसके लिए ट्रैवल बाजार के पहले दिन देश के टूरिज्म क्षेत्र से जुडे लोगों ने फोरेन बायर्स को अपनी सेवा और प्रोडक्ट के जरिए लुभाया। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिस्ट काउंसिल के आंकडों के मुताबिक ’’2021 तक भारत में एफटीए 11 मिलियन हो जाएगा। जो कि ग्लाबल टूरिस्ट पॉपुलेशन का एक प्रतिशत है। इन्हीं प्रोडक्ट्स में भारत में इन बाउंड टूरिज्म को प्रोमोट करने के लिए टूरिज्म इंडस्ट्रीज से जुडे लोग नए प्रयोग कर रहे हैं।”

    पोलैण्ड के एयर क्लब ट्रैवल सेंटर के यारो सालाह हुलबॉय के अनुसार ’’जीआईटीबी में पहली बार पोलैंड एजेंट आए हैं। अभी तक पोलैंड से इंडिया की ओर पर्यटन कुछ खास नहीं था। लेकिन यहां की पुरातन संस्कृति और इतिहास को विश्वस्तर पर प्रोमोशन मिलने से पोलैंड के लोग भारत की ओर आकर्षित होंगे।’’

    रूस की मोस्को टूर प्रतिनिधि लीसा के अनुसार ’’ रशियन टूरिस्ट अभी तक केवल दिल्ली आगरा और गोवा जैसे डेस्टीनेशन तक ही आकर लौट जाते थे, जबकि जीआईटीबी में आने के बाद पता चला कि इंडिया में भी बहुत से पर्यटन केंद्र मौजूद हैं। राजस्थान हिमाचल उत्तराखंड गुजरात और साउथ इंडिया के पर्यटन स्थल बेहतर केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं।’’

    ब्राजील की कंटीनेंट एक्सप्रेस कॉर्परेट टूर प्रतिनिधि कैटरीना कुज्नेतसोवा के अनुसार ’’भारत के कई राज्य घूमने के बाद राजस्थान देखने से पता चलता है कि यहां के किले, महल और यहां की संस्कृति भी अपने आप में एक संपूर्ण पर्यटन स्थल हैं। अब यहां के टूरिज्म में फैमिली टूरिज्म के डेस्टीनेशन भी विकसित होने लगे हैं।”

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  5. डोमेसि्टक टूर ऑपरेटर्स का कन्वेंशन सितंबर-अक्टूबर में
    फोरेन टूर ऑपरेटर्स के कन्वेंशन की तर्ज पर डोमेसि्टक टूर ऑपरेटर्स कन्वेंशन का आयोजन जयपुर के बिडला ऑडिटोरियम में सितंबर अक्टूबर में किया जाएगा। पर्यटन प्रमुख सचिव राकेश श्रीवास्तव ने बताया ’’राजस्थान सहित देशभर में 95 प्रतिशत डोमेसि्टक टूरिस्ट हैं। जबकि 5 प्रतिशत ही फोरेन टूरिस्ट हैं। यह कन्वेंशन पहली बार होगा। दूरिस्ट को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए राज्यभर में तीन थाने बनाए जाएंगे।

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