जयपुर दूरदर्शन

जयपुर दूरदर्शन (Jaipur Doordarshan)

Jaipur-Doordarshan

राजस्थान में कोटा, सवाई माधोपुर और जयपुर जिलों के लोगों ने पहली बार 1 अगस्त 1975 को पहला टेलीविजन ब्रॉडकास्ट देखा। यह प्रसारण प्रायोगित तौर पर किया गया था। यह प्रसारण अमेरिकी उपग्रह एटीएस-6 द्वारा प्राप्त सेटेलाइट ट्रांसमिशन से संभव हो सका। यह प्रसारण 388 गांवों तक सीमित रहा। इसी के साथ राजस्थान में दूरदर्शन प्रसारण सेवा आरंभ हो गई। हालांकि दूरदर्शन के विशेष कार्यक्रम दिल्ली में तैयार किए गए।

इस प्रयोग की सफलता के बाद 1 मार्च 1977 को दिल्ली में उपग्रह दूरदर्शन केंद्र की स्थापना की गई। जयपुर के लिए इसी केंद्र के माध्यम से उच्च शक्ति के ट्रांसमीटरों के जरिए प्रसारण जारी किया गया। जयपुर का अपना दूरदर्शन केंद्र 1 जून 1987 को स्थापित हुआ। आरंभ में जयपुर दूरदर्शन से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की अवधि महज 30 मिनट थी। लेकिन धीरे धीरे इसमें वृद्धि की गई। वर्तमान में क्षेत्रीय प्रसारण का समय चार घंटे घंटे तक है। जयपुर दूरदर्शन की पहुंच स्थानीय आबादी के 78 प्रतिशत हिस्से तक है, जबकि राज्य के आबादी का 71 प्रतिशत हिस्सा जयपुर दूरदर्शन की जद में है।

जयपुर दूरदर्शन केंद्र में हाई पावर ट्रांसमीटरों की संख्या 8, लो पावर 80 और सीमित पावर के ट्रांसमीटरों की संख्या 18 है। डीडी-2 के लिए राजस्थान में जयपुर, जोधपुर और कोटा में तीन ट्रांसमीटर लगाए गए थे।

पता

जयपुर दूरदर्शन केंद्र,
झालाना डूंगरी,
जयपुर 302004, राजस्थान।
फोन- 0141-2711519

जयपुर दूरदर्शन की दर्शक दीर्घा

जयपुर दूरदर्शन का दायरा बहुत विशाल है। केंद्र की ओर से दर्शकों को अपनी राय देने के लिए आमंत्रित भी किया जाता है। दर्शक हर शनिवार शाम 5.50 बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम दर्शक दीर्घा से जुडकर अपनी राय रख सकते हैं।

राजस्थान में जयपुर दूरदर्शन का दायरा

राजस्थान में अजमेर, बाड़मेर, बूंदी, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, अजमेर में क्षेत्रीय दूरदर्शन देखा जाता है। इसके अलावा अजमेर, जयपुर और जोधपुर में डीडी न्यूज भी फ्री टू एयर देखा जाता है। क्षेत्रीय प्रसारण के दायरे में अलवर, अनूपगढ, बाली, बांसवाडा, बडी सादडी, बाडमेर, बसवा, भरतपुर, भीलवाडा, भीनमाल, बीकानेर, चिडावा, चित्तौडगढ, चुरू, डीग, डूंगरपुर, गंगानगर, गंगापुर, हनुमानगढ, हिंडोन, जैसलमेर, जालोर, झालावाड, झुझनूं, करनपुर, करौली, केसरियाजी, खेतडी, किशनगढ बास, कोटपूतली, कुशालगढ, मकराना, माउंट आबू, नगर, नागौर, नाथद्वारा, नवलगढ, नोहर, नीमच, नोखा, पाली, पिलानी, प्रतापगढ, रायसिंहनगर, राजगढ, रतनगढ, रावतसर, सगवाडा, सलूम्बर, सरदारशहर, सवाईमाधोपुर, शाहपुरा, सीकर, सिरोही, सोजत, श्रीडूंगरगढ, सुजानगढ, सूरतगढ, तारानगर, टोंक, उदयपुर, वल्लभनगर और इन शहरों व कस्बों के ग्रामीण इलाकों तक फैला है। जयपुर दूरदर्शन प्रदेशभर में विभिन्न क्षमताओं की ट्रांसमीटरों की सहायता से कार्यक्रमों का प्रसारण करता है।

जयपुर दूरदर्शन के कार्यक्रम

कल्याणी

कल्याणी एक साप्ताहिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है। यह हर सोमवार, मंगलवार और गुरूवार को शाम 6.30 बजे प्रसारित होता है। प्रदेश को रोग-मुक्त करने के लिए यह कार्यक्रम एक अभियान की तरह है। कार्यक्रम में प्रदेश के किसी गांव-ढाणी में जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां मुहैया कराई जाती हैं। साथ ही हमारे प्रदेश के पुराने स्वास्थ्य तरीकों के बारे में बताया जाता है। ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है जो बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपने गांव में अच्छा कार्य कर रहे हैं। खास बात यह है कि कल्याणी कार्यक्रम सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी देता है।

खेल जगत

खेल जगत कार्यक्रम हर मंगलवार और गुरूवार शाम 4.30 बजे प्रसारित किया जाता है। इस कार्यक्रम में प्रदेश व जिला स्तर के खेलों के समाचार व विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराई जाती हैं। समय समय पर स्टूडियो में प्रदेश की खेल हस्तियां भी शिरकत करती हैं।

राजस्थानी समाचार

जयपुर दूरदर्शन पर प्रतिदिन शाम 5.02 बजे क्षेत्रीय समाचारों का प्रसारण भी किया जाता है। वर्तमान में क्षेत्रीय समाचारों का महत्व दिन प्रतिदिन बढता जा रहा है। जयपुर दूरदर्शन समय समय पर बेहतर समाचार कार्यक्रमों का प्रसारण करता है।

दिशाएं

यह कार्यक्रम हर गुरूवार को शाम 4 बजे प्रसारित किया जाता है। यह एक प्रसिद्ध लाइव फोन-इन कार्यकम है, जो युवाओं को कॅरियर संबंधी काउंसलिंग उपलब्ध कराता है। योजनाबद्ध और सफल कॅरियर के लिए बड़ी संख्या में युवा इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। कार्यक्रम में एक्सपर्ट पैनल फोन पर युवाओं को सही राह चुनने में मदद करता है। कार्यक्रम की फोन सेवा नं हैं-0141-270999.

मिशन मनोरंजन

यह कार्यक्रम हर मंगलवार शाम 4 से 5 बजे तक प्रसारित होता है। यह भी एक फोन-इन कार्यक्रम है। फिल्मों पर आधारित यह कार्यक्रम पूरी तरह मनोरंजन केंद्रित है। साथ ही कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार भी दिए जाते हैं।

सृजन

यह एक शैक्षणिक मैग्जीन कार्यक्रम है जो हिन्दी में प्रसारित किया जाता है। महिने के हर पहले,  तीसरे और पांचवें शनिवार को शाम 4.30 से 5 बजे के बीच दिखाए जाने वाले इस कार्यक्रम में क्रिएटिव राइटिंग पर फोकस किया जाता है। साथ ही समय समय पर प्रदेश ख्यातनाम लेखकों और कवियों से भी संवाद किया जाता है।

परामर्श

यह भी एक प्रमुख फोन-इन कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम हर शुक्रवार शाम 4 से 5 बजे तक प्रसारित किया जाता है। लाइव प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी जानकार लोगों, डॉक्टरों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों से मुलाकात कराई जाती है जो कि फोन पर समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान प्रस्तुत करते हैं। फोन नंबर- 0141-2704999

प्रश्नोत्तरी

बच्चों और युवाओं में यह खासा लोकप्रिय कार्यक्रम है। दूसरे और चौथे शनिवार को शाम 5.10 से 5.50 तक प्रस्तुत होने वाला यह कार्यक्रम जयपुर दूरदर्शन का सबसे पुराना और सफल कार्यक्रम भी है। इस कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता डॉ महेन्द्र सुराणा जयपुर के घर घर में प्रसिद्ध हैं। प्रश्नोत्तरी एक क्विज प्रोग्राम है। इसमें प्रदेश की नामी स्कूलों कॉलेजों के विद्यार्थियों को बुलाया जाता है। स्कूल, कॉलेजों के प्रतिनिधि छात्र-छात्राओं की टीमें गठित की जाती हैं और फिर सवाल जवाब का सिलसिला शुरू होता है। यदि कोई टीम जवाब नहीं दे पाती तो दर्शक दीर्घा से सवाल पूछा जाता है। खास बात यह है कि 12 वर्षों तक लगातार प्रसारण के कारण इस कार्यक्रम को लिम्का बुक और रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।

खुली चर्चा

यह कार्यक्रम महिने के हर पहले और तीसरे शनिवार को शाम 5.10 से 6.05 बजे तक प्रसारित किया जाता है। खुली चर्चा में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से जनता से सीधा संवाद कायम किया जाता है। कार्यक्रम में बीच बीच में फोन पर आने वाले सवालों को भी अटेंड किया जाता है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासकीय कार्यों, योजनाओं, क्रियान्वितियों, समस्याओं और उनके समाधानों पर चर्चा की जाती है। कार्यक्रम में सवाल पूछने के लिए फोन नंबर हैं- 0141-2704999.

कृषि दर्शन

कृषि पर आधारित यह कार्यक्रम किसानों में बहुत लोकप्रिय है। कार्यक्रम का प्रसारण सप्ताह में पांच दिन शाम 6 बजे किया जाता है। देश की मास मीडिया सपोर्ट टू एग्रीकल्चर स्कीम के तहत इस कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है। कार्यक्रम में कृषि संबंधित विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ किसानों से किसानों की ही भाषा में खेती, खाद, बीज, विपणन, हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, पशु पालन, डेयरी और ग्राम्य जीवन पर चर्चा करते हैं।

Advertisements

2 thoughts on “जयपुर दूरदर्शन

  1. अब 24 घंटे ’जयपुर दूरदर्शन’

    जयपुर में स्थानीय स्तर पर बनने वाली फिल्म, संगीत और अन्य कार्यक्रम मई माह से डीटीएच से जुड जाएंगे। जयपुर दूरदर्शन मई से चौबीस घंटे का चैनल बन जाएगा। हालांकि इसे डीटीएच पर लाने का प्रस्ताव 2006 में रखा गया था। इसके बाद से समय समय पर जयपुर दूरदर्शन को सेटेलाइट चैनल बनाने की बात उठाई गई जा चुकी है। पिछले साल हिंदी भाषी राज्यों की ओर से सूचना प्रसारणमंत्रालय को प्रसारण से संबंधित प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया था। इसे स्वीकार भी कर लिया गया था और संभावना जताई गई थी कि जून 2012 के मध्य तक दूरदर्शन 24 घंटे का हो जाएगा। लेकिन वह प्रोजेक्ट कागजों में ही अटक गया था। हिंदी भाषी राज्यों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। बिहार में 27 अप्रैल से दूरदर्शन सेटेलाइट चैनल होने जा रहा है। वहीं जयपुर दूरदर्शन के डिप्टी डायरेक्टर विजय राजदान का कहना है कि दूरदर्शन महानिदेशालय दिल्ली से प्रस्ताव मांगे गए हैं। इसमें हम लोगों ने अपनी मांगें भी भेजी हैं। ऐसे में संभवना है कि मई में यह सैटेलाइट चैनल बन जाएगा। फिलहाल यह चार घंटे का चैनल है। अगर यह 24 घंट का चैनल हो गया तो हम लोग चार घंटे का प्रोग्राम और तैयार कर कुल आठ घंटे के प्रोग्राम का रिपीट टेलीकास्ट करेंगे। किस तरह के प्रोग्राम रखे जाएंगे और नए प्रोग्राम क्या होंगे इसके बारे में योजना चल रही है।
    जयपुर दूरदर्शन के साथ लंबे समय से जुड़े निर्माता राजेन्द्र गुप्ता का कहना है कि जयपुर दूरदर्शन अगर 24 घंटे का सेटेलाइट चैनल बन गया तो फ्री लांसर्स को ज्यादा अवसर मिलेंगे।

    Like

  2. ‌‌‌दूरदर्शन : रेटिंग बढ़ी

    सैंकड़ों चैनलों की होड में दूरदर्शन पिछड़ गया था। लेकिन एक बार फिर दूरदर्शन का दौर लौट रहा है। प्रसार भारती ने दूरदर्शन की रेटिंग ऊपर लाने के लिए कई सकारात्मक प्रयास किए हैं। काफी समय से ’रिमोट उठाओ, डीडी लगाओ’ के स्लोगन के साथ दूरदर्शन और इसके कार्यक्रमों को प्रमोट किया जा रहा है। इसी प्रयास का नतीजा है कि डीडी नेशनल देश के टॉप पांच मनोरंजक चैनलों में चौथे स्थान पर आ गया है। यह खुलासा टैम की रिपोर्ट में किया गया है। प्रसार भारती का दावा है कि साफ सुथरे और मनोरंजक कार्यक्रमों ने दूरदर्शन को टॉप पर पहुंचाया है।

    Like

Comments are closed.