राजस्थान के जिले

district-of-rajasthan

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। इसके विस्तृत भूभाग को प्रशासनिक सुविधा के लिए सात मंडलों में बांटा गया है। राजस्थान में कुल 33 जिले हैं। सभी जिलों की अपनी विशेषताएं हैं। पर्यटन के नजरिये से भी राजस्थान एक बेमिसाल राज्य है। यहां जयपुर, उदयपुर, सवाईमाधोपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और चित्तौड़गढ आदि विश्वभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम हैं। राजस्थान की राजधानी गुलाबी शहर जयपुर है। राजस्थान 342,239 वर्ग किमी क्षेत्र पर विस्तृत राज्य है। इस राज्य की जनसंख्या 6,86,21,012 है। आइये, राजस्थान के इन जिलों के बारे में सामान्य जानकारी के साथ साथ प्रत्येक जिले के दर्शनीय स्थलों के बारे में जानें-

1. अजमेर

जिला-अजमेर
मुख्यालय-अजमेर
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)-8481
जनसंख्या (2011)-  25,84,913
मंडल-अजमेर
दर्शनीय स्थल- दरगाह शरीफ, पुष्कर, आना सागर झील व दौलत बाग, मकबरा हजरत ख्वाजा हुसैन चिश्ती, मकबरा अलाउद्दीन चिश्ती, गौरी कुंड मैया का मंदिर, सोनी जी की नस्सियां, नारेली तीर्थ, ढाई दिन का झोपडा, फोयसागर, अकबर का किला आदि

2. अलवर

जिला- अलवर
मुख्यालय- अलवर
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)-     8380
जनसंख्या (2011)- 36,71,999
मंडल- जयपुर
दर्शनीय स्थल-फतहगंज का मकबरा, कम्पनी बाग, विनय विलास पैलेस, सेंट एन्ड्रयू चर्च, सिटी पैलेस, कृष्ण मंदिर, मूसी रानी की छतरी, विजय मंदिर झील महल, बाल किला,  जय समन्द झील, सिलीसेड झील, पांडुपोल हनुमान मंदिर, भृर्तहरि देवस्थान, सरिस्का अभ्यारण्य, तालवृक्ष आदि।

3. बांसवाड़ा

जिला- बांसवाड़ा
मुख्यालय- बांसवाड़ा
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)-     5037
जनसंख्या (2011)- 17,98,194
मंडल- उदयपुर
दर्शनीय स्थल- माही बांध, राजतालाब, आनंद सागर, डायलाब,भगवानदासजी महाराज की छतरी , राधाकुंड, वीर तेजाजी मंदिर, काली कल्याण धाम, कला राठौड़ का मंदिर, संत उदासी महाराज की छतरी,  विलास की कोठी, राजतालाब दरवाजा, आचार्य मन्दिर आदि।

4. बारां

जिला- बारां
मुख्यालय- बारां
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)-     6955
जनसंख्या (2011)-     12,23,922
मंडल- कोटा
दर्शनीय स्थल- ऐतिहासिक स्थल रामगढ, शिवमंदिर भण्डदेवरा, कपिल धारा, काकूनी शिल्पग्राम,सीताबाडी मंदिर, लक्ष्मीनाथ मंदिर, जामा मस्जिद, ब्रह्माणी माता का मंदिर, साबाड और शेरगढ का किला आदि।

5. बाड़मेर

जिला- बाड़मेर
मुख्यालय- बाड़मेर
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)- 28,387
जनसंख्या (2011)- 26,04,453
मंडल- जोधपुर
दर्शनीय स्थल-  किराडू, जूना, खेड़, नाकोड़ा के जैन मंदिर, कोटड़ा का दुर्ग, कपालेश्वर महादेव, बीरातरा माता का मंदिर, बाड़मेर का जैन मंदिर, बाटाडू का कुँआ, मल्ली नाथ का मंदिर, सिवाना दुर्ग एवं पंच तीर्थ, जसोल, गरीबनाथ का शिव मंदिर, आलम जी का मंदिर, धोरी-मन्ना, देवका और पचपदरा का नागनेची माता का मंदिर आदि।

6. भरतपुर

जिला- भरतपुर
मुख्यालय-    भरतपुर
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)- 5,066
जनसंख्या (2011)- 25,49,121
मंडल- भरतपुर
दर्शनीय स्थल- भरतपुर राष्ट्रीय उद्यान केवलादेव घना, गंगा महारानी मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, लोहागढ़ किला, डीग का किला, गोपाल भवन व गोपाल सागर आदि।

7. भीलवाड़ा

जिला- भीलवाड़ा
मुख्यालय- भीलवाड़ा
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)-10,455
जनसंख्या (2011)- 24,10,459
मंडल- अजमेर
दर्शनीय स्थल- हरणी महोदव, मेनाल, महानालेश्वर मंदिर, रूठी रानी का महल, हजारेश्वर मंदिर, मेनाली नदी का जल प्रपात जहाजपुर बडा देवरा (पुराने मंदिरों का समूह), पुराना किला और गैबीपीर के नाम से प्रसिद्ध मस्जिद, बिजौलिया में प्रसिद्ध मंदाकिनी मंदिर एवं बावडियाँ, किसान आन्दोलन के लिए प्रसिद्ध बिजौलियाँ, माण्डल कस्बे में प्राचीन स्तम्भ मिंदारा, जगन्नाथ कछवाह की बतीस खम्भों की विशाल छतरी,  मेजा बांध,  भूतेश्वर महादेव, माण्डलगढ नामक  प्राचीन विशाल दुर्ग, गंगाबाई की प्रसिद्ध छतरी आदि।

8. बीकानेर

जिला- बीकानेर
मुख्यालय- बीकानेर
क्षेत्रफल (वर्गकिमी)-27,244
जनसंख्या (2011)-    23,67,745
मंडल-  बीकानेर
दर्शनीय स्थल- जैन मंदिर भांड़ासर, लक्ष्मीनारायण जी का मंदिर, बल्लभ मतानुयायियों में रतन बिहारी और रसिक शिरोमणि के मंदिर, धूनीनाथ का मंदिर, नागणेची का मंदिर, राव बीका का प्राचीन किला, राव बीका, नरा और लूणकरण की स्मारक छतरियां, बीकानेर का किला, महाराजा रायसिंह का चौबारा, महाराजा गजसिंह का फूलमहल, चन्द्रमहल, गजमंदिर तथा कचहरी, महाराजा सूरतसिंह का अनुपमहल, महाराजा सरदार सिंह का रत्नमंदिर और महाराजा डूंगर सिंह का छत्रमहल, चीनी बुर्ज, गनपत निवास, लाल निवास, सरदार निवास, गंगा निवास, सोहन बुर्ज, सुनहरी बुर्ज तथा कोढ़ी शक्त निवास, दलेल निवास और गंगा निवास, लालगढ़ महल, देवीकुंड- राजाओं और उनकी रानियों और कुंवरों आदि की स्मारक छत्रियाँ,  सात-आठ छोटे-छोटे तालाबों का गांव नाल, कोडमदेसर- भैरव की मूर्ति के लिए प्रसिद्ध, गजनेर के महल डूंगर निवास, लाल निवास, शक्त निवास और सरदार निवास, श्रीकोलायत-कपिल मुनि का आश्रम,  राठौड़ों की पूज्य देवी करणी जी का मंदिर, पूनरासर बालाजी, पलाना-कोयले की खान के लिए प्रसिद्ध, वरसिंहसर-कीर्तिस्तंभ, जेगला-गोगली सरदारों की दो देवलियां, जांगलू-सांखलों का किला, मोरखाणा-सुसाणीदेवी का मंदिर, पांचुं-पंचायण तथा सांगा की देवलियां, सुजानगढ का पुराना किला, सालासर- हनुमान मंदिर, नौहर-गोगामेड़ी का मेला आदि।

9. बूंदी

जिला-बूंदी
मुख्यालय- बूंदी
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 5550
जनसंख्या 2011-  11,13,725
मंडल- कोटा
दर्शनीय स्थल- हाडाओं का प्रसिद्व किला रामगढ, दुगारी पक्षी अभयारण्य, तालाब- फूलसागर, दुगारी, वर्धा, नमाना, हिण्डोली, गंगासागर, दादूर, जेतसागर, चांदोलिया तथा रोठेदा, चौरासी खम्भों की छतरी, तारागढ दुर्ग, रामेश्वर जल प्रपात और शिव मंन्दिर, खटखट महादेव का प्रसिद्व मंदिर,  इन्द्रगढ की माता जी का मंदिर,  नवलसागर तालाब, रानी जी की बावडी, भीरासाहब की दरगाह,  शिकार बुर्ज, क्षारबाग की छतरियां, भीमलत, लाखेरी-यहाँ से तुगलक कालीन सिक्के प्राप्त हुए, केसरिया जी (विष्णु का स्वरूप) का प्रसिद्व मंदिर, केशोरायपाटन- पहली सदी के लेख पाये गए,  रामगढ़ अभयारण्य, राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य, जवाहर सागर अभयारण्य आदि।

10. चित्तौड़गढ़

जिला-चित्तौड़गढ़
मुख्यालय- चित्तौड़गढ़
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 10,856
जनसंख्या 2011-  15,44,392
मंडल- उदयपुर
दर्शनीय स्थल- श्रंगार चवरी, कालिका मन्दिर, तुलजा भवानी, अन्नपूर्णा, नीलकंठ, शतविंश देवरा, मुकुटेश्वर, सूर्यकुंड, चित्रांगद-तड़ाग तथा पद्मिनी महल, जयमल, पत्ता और हिंगलु के महल, चित्तौडगढ का किला, समाधीश्वर मंदिर, रत्न सिंह महल, जैन कीर्ति स्तंभ, फतेह प्रकाश महल, , कुंभा दुर्ग, कुम्भास्वामी मन्दिर,  सात बीस देवरी, गौमुख कुंड, कुम्भा महल,  रानी पद्मिनी का महल एवं कीर्ति स्तम्भ आदि।

11. चुरु

जिला-चुरु
मुख्यालय- चुरु चूरू
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 16,830
जनसंख्या 2011-  20,41,172
मंडल- बीकानेर
दर्शनीय स्थल- चुरू एक रेतीला जिला है। यह सर्दियों में बहुत ठंडा और गर्मियों में बहुत गर्म रहता है। यहां श्रीसर्वहितकारिणी सभा, लोक संस्कृति शोध संस्थान, जैन उपाश्रय, नाथ जी का धोरा, पीथाणा जोहड़ा, सेठाणी का जोहड़ा, पिंजरापोल, धर्मस्तूप, सफेद घंटाघर, इंद्रमणि पार्क, मालजी का कक्ष व हवेलियां दर्शनीय है। यहां सुराणा पुस्तकालय भी विख्यात है। थार के रेतीले धोरों में बसा चुरू अपनी हवेलियों, मंदिरों, स्थापत्य, हस्तकला व संस्कृति से विशिष्ट पहचान रखता है।

12. दौसा

जिला-दौसा
मुख्यालय- दौसा
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 2950
जनसंख्या 2011-  16,37,226
मंडल- जयपुर
दर्शनीय स्थल- दौसा के आभानेरी में छठी सातवीं सदी का हर्षत माता मंदिर और चांद बावड़ी, भंडारेज की कलात्मक मूर्तियां और भंडारेज बावड़ी, झाझीरामपुर का प्राकृतिक कुंड व रुद्र, बालाजी तथा अन्य देवी-देवताओं के मंदिर, मेहंदीपुर बालाजी, माताजी का मंदिर या सचिनी देवी का मंदिर, नीलकंठ और पंच महादेव मंदिर दर्शनीय हैं।

13. धौलपुर

जिला-धौलपुर
मुख्यालय- धौलपुर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 3084
जनसंख्या 2011-  12,07,293
मंडल- भरतपुर
दर्शनीय स्थल- धौलपुर राजस्थान की पूर्वी सीमा पर स्थित है। यहां धार्मिक स्थल मचकुण्ड,  तालाब-ए-शाही,बाडी, शेरगढ किला, शाही घण्टाघर, चम्बल व उसके बीहड, वन विहार, श्री रामचन्द व हनुमान मंदिर,पुरानी छावनी, सैंपऊ का शिव मंदिर, राधा विहारी मंदिर, मौनी सिद्ध बाबा की मजार, सोने का गुर्जा ,बाडी, शेर शिकार गुरुद्वारा आदि दर्शनीय स्थल हैं।

14. डूंगरपुर

जिला-डूंगरपुर
मुख्यालय- डूंगरपुर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 3770
जनसंख्या 2011-  13,88,906
मंडल- उदयपुर
दर्शनीय स्थल-  जूना महल, दियो सोमनाथ मंदिर, राजमाता देवेंद्र कुंवर राज्य संग्रहालय, श्रीनाथजी का प्रसिद्ध मंदिर, विजय राज राजेश्वर मंदिर, गैब सागर झील एवं सफेद पत्थरों से बना शिवजी का प्राचीन मंदिर, बड़ौदा गावं अपने खूबसूरत और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध, बानेश्वर मंदिर, भगवान विष्णु का मंदिर, गलीकोट गांव, सैयद फखरुद्दीन की मजार आदि।

15. हनुमानगढ़

जिला-हनुमानगढ़
मुख्यालय- हनुमानगढ़
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 12,645
जनसंख्या 2011-  17,79,650
मंडल- बीकानेर
दर्शनीय स्थल- हनुमागढ हरियाणा की सीमा पर स्थित है। जिले की नोहर तहसील में गोगामेडी दर्शनीय व धार्मिक स्थल है, इसके अलावा गोरक्ष गंगा तालाब, गोगाणा गाँव, गोरखनाथजी का प्राचीन धूणा, गोगाजी का मंदिर, गोरखगंगा, गोगामेड़ी हिन्दू व मुस्लिम दोनो के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।

16. जयपुर

जिला-जयपुर
मुख्यालय- जयपुर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 14,068
जनसंख्या 2011-  66,63,971
मंडल- जयपुर
दर्शनीय स्थल- जयपुर में आमेर, आमेर महल, जयगढ किला, नाहरगढ किला, जगत शिरोमणि मंदिर, सागर तालाब, मावठा तालाब, परियों का बाग, जामा मस्जिद, महाराजाओं की छतरियां, गैटोर, महारानियों की छतरियां, फूलों की घाटी, कनक वृंदावन, जलमहल, हवामहल, सिटी पैलेस, जंतर मंतर, प्राचीन बाजार, ईसरलाट, गलता तीर्थ, खोले के हनुमान जी, गोविंद देवजी मंदिर, अल्बर्ट हॉल, राजमंदिर सिनेमाहॉल, रामनिवास बाग, जवाहर सर्किल, सेंट्रल पार्क, जलधारा, कुलिश स्मृति वन, बिड़ला मंदिर, सिसोदिया रानी का बाग, विद्याधर का बाग आदि दर्शनीय स्थल हैं।

17. जैसलमेर

जिला-जैसलमेर
मुख्यालय– जैसलमेर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 38,401
जनसंख्या 2011–  6,72,008
मंडल- जयपुर
दर्शनीय स्थल- सोनार किला-विलास महल, रंगमहल, बादल विलास, सर्वोत्तम विलास और जनाना महल, आठ जैन मंदिर और चार वैष्णव मंदिर, पा‌र्श्वनाथ मंदिर व ऋषभदेव मंदिर, पटवों की हवेली, सलीम सिंह की हवेली, दीवान नथमल की हवेली और आचार्य ईसरलाल की हवेली, गड़ीसर झील, लोक संस्कृति संग्रहालय, सैंड डयून्स यानी मरु टीले, राष्ट्रीय मरु उद्यान आदि दर्शनीय स्थल हैं।

18. जालौर

जिला-जालौर
मुख्यालय- जालौर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 10,640
जनसंख्या 2011–  18,30,151
मंडल- जोधपुर
दर्शनीय स्थल- लूनी नदी की शाखा सुकडी नदी के दक्षिण में स्थित जालौर ऐतिहासिक जिला है। इसे जबलीपुर और सुवर्णगिरी कहा जाता था। बारहवीं सदी में यह चौहानों की राजधानी रहा। वर्तमान में यह बाड़मेर, सिरोही, पाली और गुजरात के बनासकांथा जिले से घिरा है। परिहार, मारवाड़ समेत कई शासकों के हाथ से गुजरने के कारण यहां के स्मारकों पर उनका प्रभाव देखा जा सकता है। जालौर का प्रमुख आकर्षण जालौर किला है लेकिन इसके अलावा भी यहां अनेक दर्शनीय स्थल हैं जैसे जहाज मंदिर, श्री स्वर्णगिरी तीर्थ, श्री उमेदपुर तीर्थ, तीर्थेद्रनगर, श्री शान्तिनाथ जी महाराज स्थल, भिमगोधदा महादेव मन्दिर, पहादपुजरा स्थल आदि।

19. झालावाड़

जिला-झालावाड़
मुख्यालय- झालावाड़
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 6219
जनसंख्या 2011-  14,11,327
मंडल- कोटा
दर्शनीय स्थल- झालावाड़ का दूसरा जुड़वा शहर झालरापाटन है। इसे सिटी ऑफ वेल्स यानी घाटियों का शहर भी कहते हैं। सूर्य मंदिर या पद्मनाभ मंदिर यहां का प्रमुख दर्शनीय स्थल है। यहां अन्य दर्शनीय स्थल गढ़ पैलेस, राजकीय संग्रहालय, भवानी नाट्य शाला, काष्ठ निर्मित भवन रैन-बसेरा, जलदुर्ग गागरोन किला, कोलवी गुफाएं जो सातवीं सदी की बौद्ध गुफाएं हैं। इसके अलावा आलनिया के शैलाशयों में प्रागैतिहासिक काल के चित्र, आठवीं सदी का प्राचीन शिव मंदिर आदि भी दर्शनीय हैं।

20. झुंझुनू

जिला-झुंझुनू
मुख्यालय- झुंझुनू
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 5,928
जनसंख्या 2011-  21,39,658
मंडल- जयपुर
दर्शनीय स्थल- कमरुद्दीनशाह की दरगाह, मनसा माता का मन्दिर, ईश्वरदास मोदी की हवेली,  खेतड़ी महल, मेदत्नी बावड़ी और बादलगढ़, समस तालाब, चंचल्नाथ टीला, जोरावार्गढ़, बिहारी जी का मन्दिर, बंधे का बालाजी, रानी सती मन्दिर, खेमी शक्ति मन्दिर, लक्ष्मीनाथ जी का मन्दिर, दादाबाड़ी, अरविन्द आश्रम, मोडा पहाड़, खेतान बावड़ी, शेखावत शासकों की छतरियाँ, तीब्देवालों की हवेलियाँ, नवाब रुहेल ख़ान का मक़बरा, जामा मस्जिद तथा झुंझुनू के निकट आबूसर शिल्पग्राम व ग्रामीण हाट जैसे अनेक अन्य दर्शनीय स्थल झुंझुनू में हैं।

21. जोधपुर

जिला-जोधपुर
मुख्यालय- जोधपुर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 22,850
जनसंख्या 2011-  36,85,681
मंडल- जोधपुर
दर्शनीय स्थल-मेहरानगढ़ का किला, जसवंत थड़ा-शाही स्मारकों का समूह, उम्मेदमहल, उम्मेदमहल संग्रहालय, गिरडीकोट व सरदार मार्केट-हस्तशिल्प की वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध, राजकीय संग्रहालय, मंडोर उद्यान, मंडोर दुर्ग, देवताओं की साल, जनाना महल, थम्बा महल, महाराजाओं के देवल, नागादडी झील, सूफी संत तनापीर की दरगाह, फिरोज खां की मस्जिद, पञ्च कुंड, मारवाड़ की रानियों की 56 छतरियां आदि।

22. करौली

जिला-करौली
मुख्यालय- करौली
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 5530
जनसंख्या 2011-  14,58,459
मंडल- भरतपुर
दर्शनीय स्थल-   मदन मोहन जी का मंदिर, सिटी पैलेस महल, करौली पशु मेला, कैला देवी मंदिर, कैला देवी अभ्यारण्य, तीमानगढ किला, सागर झील, करौली की स्थापना 955 में राजा विजयपाल जादौन ने की थी, जिन्हें भगवान कृष्ण का वंशज माना जाता था। करौली का पुराना नाम कल्याणपुरा था। इसके इलावा श्री बालाजी, श्रीमहावीर जी व ऊंटगिरी और मण्डरायल के किले भी यहां प्रसिद्ध है।

23. कोटा

जिला-कोटा
मुख्यालय- कोटा
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 12,436
जनसंख्या 2011  19,50,491
मंडल- कोटा
दर्शनीय स्थल रावतभाटा, बाडौली मंदिर,  श्री सिद्घबाबा मंदिर, घोंघा डेम, दलहा बाबा पहाड़ नवागाँव के पास लगभग एक हजार फुट ऊँचा पहाड़, अचानकमार के पहाड़, खुंटा घाट अचनाकमार अभ्यारण्य, वर्तमान में कोटा एक शैक्षणिक नगरी के रूप में स्थापित हो चुका है।

24. नागौर

जिला-नागौर
मुख्यालय- नागौर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 17,718
जनसंख्या 2011-  33,09,234
मंडल- अजमेर
दर्शनीय स्थल-  हादी रानी का महल, जैन ग्लास मंदिर, नागौर किला, अकबरी मस्जिद, दीपक महल, रानी महल, साईजी का टंका, खिमसर का किला, देशनोक, लाडनूं, मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य की मजार, कुचामन किला, कुर्की गांव-मीरां बाई का जन्म स्थल, अचित्रागढ किला, भक्त सिंह महल, अमर सिंह महल, अकबरी महल और रानी महल के अलावा दो मंदिर कृष्णा मंदिर एवं गणेश मंदिर तथा शाह जहानी का स्मारक भी है, इसके अलावा हमीद्दीउदीन नागौरी मकबरा, नागौर पशु मेला, बड़ी खाट की जामा मस्जिद आदि भी दर्शनीय हैं।

25. पाली

जिला-पाली
मुख्यालय- पाली
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 12,387
जनसंख्या 2011–  20,38,533
मंडल- जोधपुर
दर्शनीय स्थल- पाली की पूर्वी सीमाएं अरावली पर्वत श्रृंखला से जुड़ी हैं। इसके उत्तर में नागौर और पश्चिम में जालौर है। पाली शहर पालीवाल ब्राह्मणों का निवास स्थान था जब मुगलों ने आक्रमण किया तो उन्हें यह शहर छोड़ कर जाना पड़ा। महाराणा प्रताप का जन्म भी यहीं अपने ननिहाल में हुआ था। यहां के प्रसिद्ध जैन मंदिर इतिहासवेत्ताओं को भी आकर्षित करते हैं। रणकपुर के जैन और सूर्य मंदिर, परशुराम महादेव मंदिर, मीरा बाई और महाराणा प्रताप की जन्मस्थली, राजस्थान के सबसे ऊंचे जल प्रपात भील बेरी, परशुराम महादेव की हरी-भरी वादियां, बर्ड्स सेंचुरी, ठंडी बेरी तथा रणकपुर डेम आदि सभी दर्शनीय हैं।

26. प्रतापगढ़

जिला-प्रतापगढ़
मुख्यालय– प्रतापगढ़
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 4117
जनसंख्या 2011-  8,68,231
मंडल- उदयपुर
दर्शनीय स्थल- आदिवासी-तीर्थ–गौतमेश्वर, मुस्लिम संत सैयदी काका साहब की दरगाह, मंदाकिनी-कुंड, आदिवासियों की पुरानी कचहरी, भंवरमाता मंदिर, अम्बामाता मंदिर, कमलेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर मंदिर, छोटी सादडी, दीपेश्वर महादेव मंदिर, केशवराय मंदिर और शंखेश्वर पार्श्वनाथ, दीपेश्वर-तालाब, सीतामाता वन्यजीव अभ्यारण्य, मालवा पठार, सागवान वन आदि यहां दर्शनीय हैं। यह भी कहा जाता है कि सीता ने राम द्वारा त्यागे जाने के बाद यहीं के वनों में समय बिताया था और लव कुश यहीं जन्मे थे।

27. राजसमंद

जिला-राजसमंद
मुख्यालय- राजसमंद
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 4768
जनसंख्या 2011–  11,58,283
मंडल- उदयपुर
दर्शनीय स्थल-राजसमंद झीलों की नगरी उदयपुर के पास है। इसलिए यहां का प्राकृतिक वातावरण पर्यटन की दृष्टि से शानदार है। यहां सिटी पैलेस कॉम्प्लेक्स, सिटी पैलेस संग्रहालय, सरकारी संग्रहालय, कांच गैलरी, विंटेज कार संग्रहालय, फतह प्रकाश महल, बागोर की हवेली, आहड़ की छतरियां, एकलिंगजी मंदिर कैलाशपुरी, श्रीनाथ मंदिर नाथद्वारा, गिरीराज पर्वत, हल्दीघाटी, रक्त तलाई, कुंभलगढ़ दुर्ग, कुंभलगढ़ अभयारण्य, नौ चोकी पाल, श्री द्वारिकाधीश मंदिर, चारभुजानाथ मंदिर एवं राजसमंद झील पर्यटन के प्रमुख क्षेत्र हैं।

28. सवाई माधोपुर

जिला-सवाई माधोपुर
मुख्यालय- सवाई माधोपुर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 10,527
जनसंख्या 2011-  13,38,114
मंडल- भरतपुर
दर्शनीय स्थल- रणथंभौर दुर्ग, रणथंभौर सेंचुरी, अमरेश्वर महादेव मंदिर, ऐतिहासिक महत्व के यहां अनेक स्थान हैं जैसे तोरण द्वार, महादेव छत्री, सामंतो की हवेली, 32 खंबों वाली छतरी, मस्जिद और गणेश मंदिर, इसके अलावा सवाईमाधोपुर के आसपास ईसरदा धुश्मेश्वर महादेव मंदिर, चौथ का बरवाड़ा चौथ माता का मंदिर, तारागढ़ का खंदर क़िला आदि भी अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं।

29. सीकर

जिला-सीकर
मुख्यालय- सीकर
क्षेत्रफल वर्गकिमी– 7,732
जनसंख्या 2011-  26,77,737
मंडल- जयपुर
दर्शनीय स्थल-  लक्ष्मणगढ़ किला, यहां की हवेलियां भी प्रसिद्ध हैं, जैसे-सावंत राम चोखाणी हवेली, बंसीधर राठी हवेली, सांगेनेरिया हवेली, गिरिजामल हवेली, चार चोक हवेली और केडि़या हवेली आदि, इसके अलावा फतेहपुर शहर में शाही किलों, हवेलियों, मंदिरों, नवाबी बावड़ी, टंकियों, मस्जिदों और कब्रों को भी देखा जा सकता है, इसके अलावा सीकर में विश्वप्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर, इस मंदिर के अलावा गणेसर, जीण माता, हरसनाथ, रामगढ़ और माधोनिवास कोठी भी दर्शनीय हैं।

30. सिरोही

जिला-सिरोही
मुख्यालय- सिरोही
क्षेत्रफल वर्गकिमी– 5136
जनसंख्या 2011-  10,37,185
मंडल- जोधपुर
दर्शनीय स्थल- माउंट आबू सिरोही की सबसे प्रसिद्ध जगह है। लेकिन इसके अलावा भी सिरोही में कई पर्यटक स्थल हैं जो सैलानियों को आकर्षित करते हैं। माउंट आबू के प्रमुख आकर्षण दिलवाड़ा के जैन मंदिर और अनेक पुरातात्विक महत्व की जगहें हैं। रोमांचक रास्ते, मनमोहक झीलें, उत्तम पिकनिक स्पॉट और ठंडा मौसम, जो राजस्थान के अन्य हिस्सों से अलग है, माउंट आबू को पसंदीदा पर्यटक स्थल बनाता है। अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों में गोमुख मंदिर, नक्की तालाब, अचलगढ़, अधर देवी मंदिर, मंदाकिनी कुंड, हनीमून प्वाइंट और सनसेट प्वाइंट शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी संग्रहालय, नक्की झील, ऐतिहासिक नगर चंद्रावती या चंदेला, सर्नेश्वर मंदिर, मंदाकिनी कुंड, मीरपुर मंदिर, सर्वधर्म मंदिर-रूद्राक्ष, कल्पवृक्ष, कुंज, करसिंगार, बेलपत्र आदि यहां उगाए गए हैं। सिरोही एक खूबसूरत प्राकृतिक पर्यटन स्थल है।

31. श्रीगंगानगर

जिला-श्रीगंगानगर
मुख्यालय- श्रीगंगानगर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 7984
जनसंख्या 2011-  19,69,520
मंडल– बीकानेर
दर्शनीय स्थल- बिन्जोर-लैला मजनूं की मजार, शिवपुरी कागद-यहां दो मंजिला गढ़ीनुमा इमारत भारतीय स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना है, शिवपुर हैड से ही गंगनहर की शुरूआत हुई थी, सूरतगढ़ तापीय विद्युत परियोजना और अनूपगढ़ का किला आदि यहां के दर्शनीय स्थलों में से है।

32. टोंक

जिला-टोंक
मुख्यालय- टोंक
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 7194
जनसंख्या 2011–  14,21,711
मंडल- अजमेर
दर्शनीय स्थल-टोंक शहर राजस्थान के टोंक जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है। सुनहरी कोठी या सोने की हवेली इस क्षेत्र का सबसे प्रमुख आकर्षण है। नवाब मोहम्मद इब्राहिम खान द्वारा संगीत, नृत्य और कविताओं की प्रस्तुति के लिए बनाई गई इस इमारत में शानदार ग्लास पेंटिंग भी हैं। इसे शीश महल भी कहा जाता है। इसके अलावा रसिया की टेकड़ी, रजिया सुल्तान की मजार, घंटा घर, शिवाजी गार्डन, हाथी भाता आदि भी दर्शनीय स्थल हैं। इसके  अलावा टोंक  के ही नजदीक टोडारायसिंह तहसील भी है जहां की बावड़ियां, महल, तालाब और हवेलियां दर्शनीय हैं।

33. उदयपुर

जिला-उदयपुर
मुख्यालय- उदयपुर
क्षेत्रफल वर्गकिमी- 17,279
जनसंख्या 2011-  30,67,549
मंडल- उदयपुर
दर्शनीय स्थल- उदयपुर को झीलों की नगरी कहा जाता है। यहां पिछोला, दूध थाली, गोवर्धन सागर, कुमारी तालाब, रंगसागर, स्वारुप सागर तथा फतह सागर यहां की सात प्रमुख झीलें हैं। इसके अलावा उदयपुर में झीलों के किनारे पर बने तट, महल, हवेलियां और कई मंजिला हवेलियां भी पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती हैं। उदयपुर के बगीचे भी अपनी विशालता और खूबसूरती के कारण जाने जाते हैं। गुलाब बाड़ी, सहेलियों का बाग, एकलिंग महादेव, हल्दीघाटी, चैत्री गुलाब की घाटी, सिटी पैलेस, सरकारी संग्रहालय, सिटी पैलेस संग्रहालय, करणीमाता, जगदीश मंदिर, बागोर हवेली आदि दर्शनीय हैं। उदयपुर राजस्थान का कश्मीर भी है।