Category Archives: जयपुर समारोह

’विरासत बचाओ अभियान’

‘विरासत बचाओ अभियान’ ( Mission Save Heritage) यूनेस्को ने राजस्थान के छह किलों को विश्व विरासत घोषित किया है। जयपुर का जंतर मंतर और भरतपुर का घना पक्षी विहार पहले ही विश्व विरासत सूची में शामिल हो चुके हैं। राजस्थान अब अचनाक विश्व विरासतों की समृद्ध स्थली नजर आने लगा है। सरकार, प्रशासन और लोगों में उत्साह की लहर है।

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जयपुर में गणगौर

जयपुर उत्सवों की नगरी है। आस्था और श्रद्धा की इस पावन नगरी को ’छोटी काशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर को ’आस्था की नगरी’ और ’छोटी काशी’ के संबोधन यूं ही नहीं मिले। इस शहर की फिजां में ही उत्सवी खुशबू है। यहां के धार्मिक लोगों में अपने उत्सवों के प्रति आग्रह देखते ही बनता है।

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चेटीचंड उत्सव : जयपुर

जयपुर में विभिन्न धर्मों, समुदायों और जातियों का निवास है। जयपुर शहर को छोटे भारत के  रूप में देखा जा सकता है। यहां रामगंज, ईदगाह और जालूपुरा इलाकों में मुस्लिम, राजापार्क, आदर्शनगर और कंवरपुरा में सिंधी और पंजाबी समुदाय, मालवीयनगर, सूर्यनगर और कीर्तिनगर में जैन समुदाय का बाहुल्ह है। लेकिन जब बात आती है उत्सव की तो यहां सारे समुदायों

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राजस्थान दिवस समारोह

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 30 मार्च को राजस्थान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजधानी जयपुर के विभिन्न पर्यटक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में इस अवसर पर आम जन के लिए निशुल्क प्रवेश की सुविधा भी दी गई। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या

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रंगो का त्यौंहार – होली ( Holi )

होली भारत के प्रमुख त्योंहारों में से एक है। रंग उमंग और मस्ती के इस हिन्दू त्योंहार को सभी धर्मों के लोग मनाने लगे हैं। यहां तक कि विदेशों में भी होली की तर्ज पर एक दूसरे को रंग लगाकर त्योंहार मनाए जाने लगे हैं। फ्रांस का टमैटिनो उत्सव इसका एक उदाहरण है। हिन्दू पंचां ग के अनुसार होली फागुन

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जयपुर आर्ट फेस्टीवल-डिग्गी पैलेस

जयपुर लिटरेचर फेस्टीवल की मेजबानी कर दुनियाभर में नाम कमा चुके होटल डिग्गी पैलेस में 18 मार्च से जयपुर आर्ट फेस्टीवल का आयोजन हुआ। इस पांच दिवसीय आयोजन में देशभर के जाने माने आर्टिस्ट भाग ले रहे हैं। फेस्टीवल की शुभारंभ सोमवार शाम 6 बजे राज्यपाल मारग्रेट अल्वा ने किया। इस आर्ट फेस्ट का आगाज भी राज्यपाल ने आर्टिस्ट के

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होली के रंगो से सराबोर जयपुर

स्किन को बचाएगा हर्बल रंग ट्रैंड और ट्रेडीशन हमेशा बदलता रहता है। इसका कारण है लोगों में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती अवेयरनेस। होली मनाना तो बंद नहीं  हो सकता लेकिन बेहतर ढंग से होली मनाई जा सकती है। कुछ वक्त पहले तक होली मनाने के नाम पर त्वाचा से खिलवाड़ किया जाता था। सीसे और केमिकल युक्त पक्के रंग लगाए

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